जिम्नास्टिक्स एक एथलेटिक खेल है जिसमें लचीलापन, ताकत और संतुलन की जरूरत होती है। इसे अक्सर जंप, रोल, हाथ‑से‑हाथ और बार पर किए जाने वाले ट्रिक्स से जोड़ा जाता है। अगर आप फिटनेस में नया कदम रख रहे हैं तो जिम्नास्टिक्स आसान तरीके से शुरू किया जा सकता है, बस सही मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास चाहिए। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि जिम्नास्टिक्स के मुख्य फायदे क्या हैं और घर या जिम में कैसे शुरुआत कर सकते हैं।
जिम्नास्टिक्स से मिलने वाले मुख्य फायदे
पहला फायदा है पूरी बॉडी स्ट्रेंथ। बार पर पुल‑अप, लैंडिंग और फ्लिप जैसी मूव्स आपके हाथ, पीठ, कोर और पैर की मांसपेशियों को एक साथ काम करवाती हैं। दूसरा लाभ लचीलापन है; रोज़ाना स्ट्रेच करने से जोड़ों में दर्द कम होता है और शरीर का रेंज बढ़ता है। तीसरा फायदा संतुलन सुधारना है—जिम्नास्टिक्स के बुनियादी पोज़ जैसे प्लैंक या स्क्वाट आपके स्थिर रहने की क्षमता को तेज़ बनाते हैं। साथ ही यह आत्मविश्वास भी बढ़ाता है क्योंकि नई ट्रिक्स सीखते‑सिखाते आप खुद पर भरोसा करते हैं। नियमित अभ्यास से कैलोरी बर्न होती है, इसलिए वजन घटाने में मदद मिलती है और दिल‑धमनी स्वास्थ्य सुधरता है।
घर पर या जिम में शुरू करने की सरल विधियां
सबसे पहले एक सुरक्षित जगह चुनें—जिम के फर्श पर मैट या घर में कार्पेटेड एरिया बेहतर रहेगा। फिर बेसिक मूव्स से शुरुआत करें: हैंडस्टैंड, बॉडी‑ड्रॉप और स्ट्रैडल पाईक्स. इनको सही फॉर्म के साथ करने के लिए यूट्यूब या स्थानीय कोच की वीडियो देख सकते हैं। पहले दो हफ्ते हर दिन 10‑15 मिनट वॉर्म‑अप, जैसे जॉगिंग, आर्म सर्कल और डायनामिक स्ट्रेच पर खर्च करें। उसके बाद मुख्य ट्रेनिंग में 3 सेट 5‑8 रेप्स के साथ बेसिक पुश‑अप, पुल‑अप (या रेज़िस्टेंस बैंड) और स्क्वाट रखें। हर सेट के बीच 60‑90 सेकंड आराम दें।
जैसे-जैसे ताकत बढ़े, कठिन ट्रिक्स जोड़ें—उदाहरण के लिए बार पर बैक फ्लिप या रिंग लिफ्ट्स. इनको सीखने में गिरना सामान्य है, इसलिए नीचे एक पेडे सुरक्षित रखें और हमेशा दो साथी से मदद लें। पोषण भी उतना ही महत्वपूर्ण है; प्रोटीन वाला नाश्ता (दही, अंडा, दाल) और पर्याप्त पानी पीएँ ताकि मांसपेशियां जल्दी रिकवर करें।
यदि आप जिम में जा रहे हैं तो कोच से सलाह लें कि कौन सा उपकरण आपके स्तर के लिए सही है—जैसे मैग्नेटिक बार या ट्रैम्पोलिन। शुरुआती क्लासेज़ अक्सर समूह में होती हैं, जिससे मोटिवेशन बढ़ता है और सीखने की गति तेज़ हो जाती है। घर पर ट्रेनिंग करते समय भी आप ऑनलाइन कोर्स ले सकते हैं, लेकिन फॉर्म चेक के लिए एक दोस्त या फ़ैमिली सदस्य से रिव्यू करवाएं।
अंत में याद रखें कि जिम्नास्टिक्स में प्रगति धीरे‑धीरे होती है। हर हफ़्ते थोड़ा‑थोड़ा सुधार देखें और खुद को ज़्यादा दबाव न दें। अगर किसी मूव के दौरान दर्द या असहजता महसूस हो तो तुरंत रुकें, आराम करें और फिर कोशिश करें। निरंतर अभ्यास, सही तकनीक और पर्याप्त रिकवरी से आप फिटनेस के साथ-साथ एग्ज़ाइटमेंट भी पायेंगे—और सबसे बढ़कर एक ऐसी लाइफस्टाइल जो आपको हमेशा एक्टिव रखेगी।
दीपा करमाकर ने उज़्बेकिस्तान में आयोजित महिला वॉल्ट इवेंट में एशियन सीनियर चैम्पियनशिप्स में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। 30 वर्षीय करमाकर ने 13.566 अंकों के औसत के साथ यह उपलिब्ध हासिल की, जिससे उन्होंने उत्तर कोरिया की किम सोन ह्यांग और जो क्योङ ब्योङ को पीछे छोड़ा।