स्टीव जॉब्स: एप्पल के संस्थापक और टेक जगत के दिग्गज

क्या आपने कभी सोचा है कि आज हम जो iPhone, iPad या Mac इस्तेमाल करते हैं, वो कैसे बना? इसके पीछे का नाम स्टीव जॉब्स ही था। 1955 में कैलिफ़ोर्निया में जन्मे जॉब्स ने बचपन से ही इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजाइन में रुचि दिखायी। हाई स्कूल में दोस्त स्टीव वाज़निक के साथ मिलकर उन्होंने गैरेज में पहला कंप्यूटर बना, जो बाद में एप्पल का आधार बना।

एप्पल की शुरुआत और शुरुआती सफलता

1976 में जॉब्स ने वाज़निक को बुला कर अपना पहला प्रोडक्ट – Apple I – लॉन्च किया। वो एक साधारण कंप्यूटर था, लेकिन इसका डिज़ाइन अलग था: छोटा, आकर्षक और उपयोग में आसान। दो साल बाद Apple II आया, जो पहली बार घरों में भी लोकप्रिय हुआ। इस समय जॉब्स ने मार्केटिंग के जादूगर की तरह प्रोडक्ट को लोगों तक पहुंचाया, जिससे एप्पल एक ब्रांड बन गया।

उद्यमी संकट और पुनरुद्धार

1990 के दशक में जॉब्स कंपनी से बाहर हो गए, लेकिन 1997 में फिर लौटे। उस समय एप्पल बहुत कठिन दौर से गुजर रहा था – प्रोडक्ट लाइन गड़बड़ थी, शेयर की कीमत गिर रही थी। जॉब्स ने तुरंत iMac लॉन्च किया, जिससे डिज़ाइन को नई जिंदगी मिली। इसके बाद iPod आया और संगीत सुनने का तरीका ही बदल गया। फिर 2007 में पहला iPhone रिलीज हुआ, जिसने मोबाइल फोनों के बाजार को पूरी तरह हिला दिया।

जॉब्स की सोच थी ‘यूज़र एक्सपीरियंस’ को सबसे पहले रखना। उन्होंने हर प्रोडक्ट को सरल, सुंदर और उपयोगी बनाने पर ध्यान दिया। यही कारण है कि लोग एप्पल को सिर्फ एक तकनीक नहीं बल्कि लाइफ़स्टाइल मानते हैं। उनकी प्रेरणा अब भी स्टार्ट‑अप्स में देखी जा सकती है – छोटे विचारों को बड़े सपनों में बदलना।

जॉब्स की मृत्यु 2011 में हुई, लेकिन उनका असर आज भी दिखता है। iPhone का हर नया मॉडल उनके मूल सिद्धांत – सादगी और परफॉर्मेंस – को आगे बढ़ाता है। एप्पल स्टोर में मिलने वाला ग्राहक अनुभव, ऐप स्टोर के लाखों एप्लिकेशन, ये सब जॉब्स की दूरदर्शी सोच का नतीजा हैं।

अगर आप उद्यमिता या टेक में करियर बनाना चाहते हैं, तो स्टीव जॉब्स से सीखने लायक बहुत कुछ है। उनका सबसे बड़ा मंत्र था ‘स्टे हंग्री, स्टे फुूल’ – यानी हमेशा नया सोचो और कभी भी संतुष्ट मत होओ। उन्होंने कहा कि विफलता असफल नहीं, बल्कि एक सीख है। यही रवैया उन्हें लगातार इनोवेट करने में मदद करता रहा।

आज के युवा उद्यमी अक्सर जॉब्स की बायोग्राफी पढ़ते हैं, उनके इंटरव्यू देखते हैं और कहते हैं कि उनका जीवन एक ‘टेम्पलेट’ है। चाहे आप मोबाइल ऐप बना रहे हों या कोई नया गैजेट डिजाइन कर रहे हों, जॉब्स का फोकस – उपयोगकर्ता को खुशी देना – हमेशा काम आता है।

संक्षेप में, स्टीव जॉब्स ने सिर्फ एक कंपनी नहीं बनाई, उन्होंने एक संस्कृति भी तैयार की – जहाँ डिज़ाइन, टेक और एंटरटेनमेंट मिलकर नया अनुभव बनाते हैं। इस टैग पेज पर आप उनके जीवन के महत्वपूर्ण पड़ाव, एप्पल की प्रमुख प्रोडक्ट्स और आज उनकी इनोवेशन कैसे चल रही है, सब पढ़ सकते हैं। अगर आपको टेक में रुचि है या एप्पल फैन हैं, तो यह जानकारी आपके लिए काम आएगी।

वॉरेन बफेट ने साझा किया स्टीव जॉब्स के साथ निवेश पर चर्चा का अनुभव

वॉरेन बफेट ने साझा किया स्टीव जॉब्स के साथ निवेश पर चर्चा का अनुभव

वॉरेन बफेट ने 2010 में स्टीव जॉब्स के साथ हुई एक फोन कॉल के बारे में बताया, जिसमें जॉब्स ने एप्पल के विशाल नकद भंडार पर सलाह मांगी थी। बफेट ने स्टॉक बायबैक का सुझाव दिया, लेकिन जॉब्स ने इसे नहीं अपनाया। हालांकि बाद में बफेट ने एप्पल के स्टॉक्स में निवेश किया और CEO टिम कुक की सराहना की।

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अग॰ 5, 2024 द्वारा Pari sebt