हर सुबह जब आप घर से बाहर निकलते हैं तो धुंध या धुँआ देखकर अक्सर थकावट महसूस करते हैं। यह वही प्रदूषण है जो हमारे स्वास्थ्य को सीधे असर करता है। साउंड्रा पर हम रोज़ की ख़बरों के साथ‑साथ इस समस्या के हल भी बताते हैं, ताकि आप समझ सकें कि क्या बदलाव संभव है।
वायु प्रदूषण: कारण और तत्काल कदम
शहर में ट्रैफ़िक, डीज़ल जेनरेटर, निर्माण काम – इन सब से हवा में कण (PM2.5, PM10) बढ़ते हैं। अगर आप साँस लेते समय खाँसी या थकान महसूस करते हैं, तो ये संकेत हो सकते हैं कि बाहर की हवा साफ नहीं है।
इसे कम करने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाएँ:
कारपूलिंग या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
घर में एयर प्यूरीफ़ायर रखें, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के कमरे में।
हर रोज़ शाम को 30‑minute की सैर चुनें, लेकिन अगर धुँआ ज़्यादा है तो घर पर ही रुकें।
सरकारी स्तर पर भी कई शहर अब ‘स्मॉग अलर्ट’ जारी कर रहे हैं। ऐसे में खबरों को फॉलो करना जरूरी है ताकि आप सही समय पर बाहर निकलने‑भित्र रहने का फ़ैसला ले सकें।
जल प्रदूषण: हमारे नदियों और तालाबों की कहानी
बाजार के निकासे, औद्योगिक कचरा या अनियंत्रित सीवेज़ से नदियाँ गंदा हो रही हैं। जब पानी में रंग बदलता है या बदबू आती है, तो वही जल प्रदूषण का संकेत है। इससे केवल मछलियों को नहीं, बल्कि हमारे पेयजल को भी नुकसान पहुँच सकता है।
आप घर पर क्या कर सकते हैं?
प्लास्टिक की बोतलों के बजाय स्टेनलेस या कांच की बोतलें इस्तेमाल करें।
घर में जल शुद्धिकरण के लिए सक्रिय कोएल (Activated Carbon) फ़िल्टर लगाएँ।
स्थानीय स्वच्छता अभियानों में भाग लें – नदी सफ़ाई, कचरा न फेंकना आदि।
ज्यादा जानकारी चाहिए? साउंड्रा पर हर हफ़्ता जल गुणवत्ता रिपोर्ट आती है, जिसमें आप अपने क्षेत्र की स्थिति देख सकते हैं और आवश्यक कदम उठा सकते हैं।
प्रदूषण सिर्फ़ एक बड़ी समस्या नहीं, बल्कि रोज़‑रोज़ छोटे‑छोटे चुनावों से भी घटाया जा सकता है। जब हम सभी थोड़ी‑थोड़ी मेहनत करेंगे, तो साफ़ हवा और पानी का आनंद फिर से मिलना संभव होगा। साउंड्रा पर नई ख़बरें पढ़ते रहें, टिप्स अपनाएँ और स्वस्थ जीवन के लिए पहला कदम उठाएँ।
दिवाली के मौके पर दिल्ली में प्रदूषण स्तर में बड़ी वृद्धि देखी गई, जिससे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 'बेहद ख़राब' श्रेणी में पहुँच गया। 31 अक्टूबर, 2024 को दर्ज आंकड़ों के अनुसार, दिवाली के दौरान फटाकों के उपयोग के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। यह स्थिति खासकर उन लोगों के लिए घातक है जो पहले से ही सांस की समस्याओं से ग्रसित हैं।